खुद से प्यार करो- कविता | Self-love Poem| Hindi poem

** खुद से प्यार करना है जिंदगी का सार,

यहीं पर हैं सारी खुशिओं के द्वार,

यही है जीवन का सच्चा आधार।

इस प्यार को स्वीकार करो अभी, और हर बार। 

 

** क्या तुम खुद से प्यार करते हो? क्या तुम अपनी कीमत जानते हो?

तुम्हारे अंदर एक खास दुनिया है, क्या तुम उसे पहचानते हो ?

मैं तुमसे कहता हूँ, खुद से प्यार करो।

अपने आप को स्वीकार करो,

जो तुम हो वो बनने की कोशिश करो ।

अपने हर पल को जी भर के जियो, और खुश रहो।

खुद से प्यार नहीं करने वाला;दूसरों से प्यार नहीं कर सकता; ओशो
जो खुद से प्यार नहीं करता, वह किसी और से प्यार नहीं कर सकता। – ओशो

**खुद से प्यार करो

खुद से प्यार करो, सबसे पहले और सबसे ज़्यादा।

खुद से प्यार करो, अपनी खूबियों से प्यार करो।

अपनी कमियों से भी प्यार करो,

क्योंकि कमियाँ भी तुम्हारा एक हिस्सा हैं।

खुद से प्यार करो, अपने सपनों से प्यार करो।

अपने लक्ष्यों से प्यार करो, और उन्हें हासिल करने के लिए कोशिश करो।

खुद से प्यार करो, अपनी जिंदगी से प्यार करो।

खुद से प्यार करो, भले ही कोई और तुमसे प्यार करे।

खुद से प्यार करो, भले ही कोई तुमसे प्यार करने से डरे। 

 

** खुद से प्यार करो, जैसे तुम अपनी सबसे प्यारी दोस्त से प्यार करते हो।

खुद से प्यार करो, जैसे तुम अपने सबसे प्यारे बच्चे से प्यार करते हो।

खुद से प्यार करो, भले ही तुमने कोई गलती कर ली हो।

खुद से प्यार करो, क्योंकि तुम इस दुनिया के अनमोल रत्न हो।

खुद से प्यार करो, क्योंकि तुम खुश रहने के लिए बने हो।

 

** खुद से प्यार करो, अपनी खुशिओं से प्यार करो ।

खुद से प्यार करो, और खुद को स्वीकार करो।

खुद से प्यार करो, और खुद पर विश्वास करो।

खुद से प्यार करो, तो दुनिया तुमसे प्यार करेगी।

खुद से प्यार करो, तो तुम्हें सफलता हमेशा मिलेगी।

 

** खुद से प्यार करो, क्यूंकि तुम एक प्यारी सी जान हो।

खुद से प्यार करो, क्योंकि तुम इस दुनिया के सबसे खास इंसान हो।

तुम अपने सपनों को पूरा करने का दम रखते हो,

और तुम इस दुनिया को एक बेहतर जगह बना सकते हो।

इसलिए, खुद से प्यार करो, और अपने जीवन को खुशियों से भर दो।

खुद से प्यार नहीं करने वाला;दूसरों से प्यार नहीं कर सकता; ओशो
जो खुद से प्यार नहीं करता, वह किसी और से प्यार नहीं कर सकता। – ओशो

** खुद से प्यार करो, क्योंकि तुम इसके लायक हो।

विश्वास करो.. तुम अपनी ज़िन्दगी के खलनायक हो।

तुम्हें प्यार करने वाला, तुमसे भी बड़ा कोई नहीं है।

खुद से प्यार करना सीखो, ये जिंदगी है, सपना नहीं है।

 

** खुद से प्यार करना है जरूरी, ये है जिंदगी की एक मजबूरी।

ये प्यार देता है खुशबू जैसे कस्तूरी,

करवाता है सबकी तस्सली पूरी की पूरी।

खुद से प्यार नहीं करोगे, तो कौन करेगा तुमसे प्यार?

तो खुद से प्यार करना सीखो, ये जिंदगी है, ना कोई व्यापर ।

 

**खुद को स्वीकार करना सीखो, अपनी कमजोरियों को भी समझो।

खुद से प्यार जब करोगे, तब ही दुनिआ तुमसे भी प्यार करेगी।

खुद को खास महसूस करो, अपने आप पर गर्व करो।

खुद की ख़ुशी को महसूस करो, और अपनी जिंदगी को खूबसूरत करो।

 

** खुद से प्यार करना है एक कला, जिसे हर किसी को सीखना चाहिए।

खुद से प्यार जब करोगे,  तब ही दुनिआ तुमसे भी प्यार करेगी।

तो चलिए साथ मिलकर, खुद से प्यार करना सीखें।

खुद को खुश रखें। अपनी जिंदगी का आनंद लेना सीखें ।

 

 

** खुद से प्यार करना है तो, अपने दिल की आवाज़ सुनना है।

खुद को जानना है, खुद को समझना है।

खुद की ताकत और कमज़ोरियों को स्वीकार करना है,

** खुद से प्यार करना है तो

खुद को सम्मान देना है, खुद की देखभाल करना है।

खुद को खुश रखना है, खुद के साथ समय बिताना है।

खुद को चुनौतियाँ देना है, खुद को आगे बढ़ाना है।

खुद पर गर्व करना है, खुद से प्यार करना है।

 

**खुद से प्यार करना है तो, अपने सपनों को पूरा करना है।

अपनी ज़िंदगी को अपने तरीके से जीना है।

अपनी खुशी का खुद जिम्मा उठाना है।

खुद से प्यार करना है तो, अपने आसपास के लोगों से प्यार करना है।

दुनिया से, अपने परिवार और दोस्तों को भी प्यार करना है।

खुद से प्यार करना;पूर्णता; लुइसा है मय;
जब आप खुद से प्यार करते हैं, तो आप अपने आप में पूर्णता पाते हैं। – लुइसा है मय

** खुद से प्यार करना है तो, प्यार करना सीखना है।

खुद से प्यार करना है तो, खुद को प्यार करना सीखना है।

खुद से प्यार करना है तो, अपने दिल की आवाज़ को सुनना है।

 

** सबसे पहले तुम  यह याद रखो, तुम्हारे जैसा कोई नहीं है,

यह बात तुम जान लो, इससे तुम पहचान लो।

तुम्हारे अपने गुण हैं, तुम्हारी अपनी खूबियाँ हैं,

इन सबको तुम पहचानो, और इन पर गर्व करो।

 

** खुद से प्यार करो, अपनी कमियों को स्वीकार करो,

उन्हें दूर करने की कोशिश करो, लेकिन खुद को मारो।

तुम्हारी कमियाँ भी तुम्हें खास बनाती हैं, इन्हें तुम गले लगाओ, और इनसे सीखो।

 

** खुद से प्यार करो, अपनी गलतियों को माफ करो,

उनसे सीखकर आगे बढ़ो, पीछे मुड़कर देखो।

तुम्हारी गलतियाँ भी तुम्हें मजबूत बनाती हैं,

इन्हें तुम स्वीकार करो, और उनसे आगे निकलो।

 

**खुद से प्यार करो, अपने लिए समय निकालो,

अपनी पसंद की चीज़ें करो, और खुद को खुश रखो।

तुम अपने लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो,

इसलिए अपना ख्याल रखो, और खुद को प्यार दो।

 

** खुद से प्यार करो, अपनी तुलना दूसरों से करो,

हर कोई अनोखा है, अपनी खासियतें रखता है।

तुम्हें खुद पर गर्व होना चाहिए,

क्योंकि तुम सबसे अच्छे हो, जो भी जैसे भी तुम हो। 

 

** खुद से प्यार करो, और अपनी ज़िंदगी को जियो,

अपने सपनों का पीछा करो, और अपनी खुशियाँ ढूँढो।

क्योंकि तुम खुश रहने के लायक हो, तुम्हें खुद से प्यार करना चाहिए।

 

** जब तुम खुद से प्यार करते हो, तो तुम्हें किसी और की जरूरत नहीं होती है।

तुम्हें किसी और से प्यार पाने की जरूरत नहीं होती है।

तुम्हें किसी और से स्वीकार किए जाने की जरूरत नहीं होती है।

खुद से प्यार करना है खुद को सम्मान देना,

खुद को स्वीकार करना, खुद को क्षमा करना।

 

** जब तुम खुद से प्यार करते हो, तो तुम अपने आप को बेहतर समझते हो।

तुम्हें अपनी ताकत और कमजोरियों का पता होता है।

तुम्हें पता होता है कि तुम क्या चाहते हो और क्या नहीं।

खुद से प्यार करना है,  अपनी खुशी का ख्याल रखना है ।

अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करना है ।

अपने आपको एक बेहतर इंसान बनाने के लिए प्रयास करना है ।

 

** तुम अनमोल हो, तुम एक अनमोल रत्न हो।

तुम्हारी कोई तुलना नहीं, तुम एक अनोखे हो।

खुद से प्यार करना सबसे बड़ा प्यार है।

जब तुम खुद से प्यार करते हो, तो दुनिआ भी तुमसे प्यार करती है

जब तुम खुद से प्यार करते हो, तो दुनिआ तुम्हें स्वीकार करती है

दुनिआ तुम्हरे कहने पर चलती है और तुम्हरा  पानी भी भरती है।

धन्यवाद्

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